कहते हैं किस्मत के लिखे को कोई बदल नही सकता...
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मंज़िल मिल जाएगी या खुद मंज़िल बन जाओगे
मंज़िल मिल जाएगी या खुद मंज़िल बन जाओगे भाग्य तुम...
Continue reading...आपका प्रोत्साहन हममें विश्वास भरता है
आपका प्रोत्साहन हममें विश्वास भरता है हमारी कलम की स्याही...
Continue reading...ज़िंदगी सब जी रहें हैं पर ज़िंदा कौन है ?
ज़िंदगी सब जी रहें हैं पर ज़िंदा कौन है ? वक़्त...
Continue reading...अब पता चला मौसम पर भी वक़्त का ही नूर था
अब पता चला मौसम पर भी वक़्त का ही नूर...
Continue reading...थकने लगा हूँ अब इस भाग गम भाग की ज़िंदगी से
थकने लगा हूँ अब इस भाग गम भाग की ज़िंदगी...
Continue reading...तकलीफ़ों का भी क्या मस्त हिसाब है
तकलीफ़ों का भी क्या मस्त हिसाब है आती हैं रूलाती...
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