थकने लगा हूँ अब इस भाग गम भाग की ज़िंदगी से

थकने लगा हूँ अब

इस भाग गम भाग की ज़िंदगी से

अपनो की लड़ाई से

अपनो की हमदर्दी से

बेचैन सी रहती हैं

साँसे भी अब हर पल

वार मिलेगा या प्यार

या फिरसे जुदाई के पल…………