देश विदेश घूम आया सारे वेश पहन आया

देश विदेश घूम आया

सारे वेश पहन आया,

पर मन की आवाज़

मात्र भाषा से ही निकलती है

जो हमे सीखनी नही पड़ती

वो माँ की कोक से ….. विरासत में मिलती है

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ