भीतर छुपे आनंद की संसार में खोज है

भीतर छुपे आनंद की

संसार में खोज है

यक़ीनन …..

ज़िंदगी इसलिए भोझ है …

470.

घमंड तो इंसान को सांसो को भी नही करना चाहिए

पैसा तो चीज़ ही क्या है …………..