मन के धागे तोड़ मत

मन के धागे तोड़ मत

अनकही बातों के लपेटे में आकर छोड़ मत

जो कहना है कह दे

जो पूछना है पूछ ले,

यूँ खामोशी की चादर ओड मत ,

रिश्ते गवाना आसान है

कमाना है मुश्किल

तू डाँट ले

मार ले

पर रास्तों को मोड़ मत ………..