भाव हैं भाषा है, सेवा है संस्कार है,

भाव हैं

भाषा है,

सेवा है

संस्कार है,

यदि हमारा गुरु से साक्षात्कार है

गुरु का बरसता हम पर प्यार है

गुरु के श्री चर्नो को प्रणाम

माता पिता – धरती आकाश

सबका करते सम्मान