81. महकउठताहैकाफिला जबजबतूगुज़रतीहै कुछपलकेलिएदिनरातमेंबदलतीहै, क्याकरें तेरीमहोब्ब्तकानशाहैहीज़बरदस्त हमपुकारनाभीचाहेंगरकिसीऔरको आवाज़तेरेनामकीहीनिकलतीहै……. 82. निलामहोगएतेरीआशिकीमेंआज ...
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Poem : अब हर पल लगता हैं बेज़ुबान
1.) अब हर पल लगता हैं बेज़ुबान जाने वो वक़्त...
Continue reading...कुछ इस तरह मैं वक़्त से टकराया,,,,,
कुछ इस तरह मैं वक़्त से टकराया,,,,, कि जिस पर...
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कुछ इस तरह मैं वक़्त से टकराया,,,,, कि जिस पर...
Continue reading...झूम उठता है तन जब भी करती हूँ मन भ्रमण�
झूम उठता है तन जब भी करती हूँ मन भ्रमण……
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